हिंदी एक सशक्त भाषा, उपयोग बढ़ाने से मिलेगी मजबूती: राजीव रंजन सिंह

Sun 11-Jan-2026,02:37 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

हिंदी एक सशक्त भाषा, उपयोग बढ़ाने से मिलेगी मजबूती: राजीव रंजन सिंह हिंदी-एक-सशक्त-भाषा,-उपयोग-बढ़ाने-से-मिलेगी-मजबूती
  • विश्व हिंदी दिवस पर मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति बैठक में हिंदी के उपयोग, प्रगति और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

  • केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सरकारी-निजी कार्यों में हिंदी के अधिक उपयोग पर दिया जोर, हिंदी पत्रिकाओं और शब्दावली का विमोचन, विभागों में हिंदी को सशक्त बनाने की पहल

Delhi / New Delhi :

दिल्ली/ विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में तृतीय संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने की। इस बैठक का उद्देश्य मंत्रालय और उससे जुड़े विभागों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन, उपयोग की समीक्षा तथा भविष्य की दिशा तय करना रहा। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी, समिति सदस्य और विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में मत्स्यपालन विभाग तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा अब तक किए गए राजभाषा हिंदी से जुड़े कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। प्रस्तुतियों में विभागीय पत्राचार, प्रकाशनों, प्रशिक्षण और कार्यालयी कार्यों में हिंदी के बढ़ते प्रयोग को रेखांकित किया गया। समिति के सदस्यों ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सकारात्मक प्रगति बताया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह और राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने संयुक्त रूप से विभागीय हिंदी पत्रिकाओं, ‘सुरभि’, ‘मत्स्य भारती’, ‘मत्स्य कीर्ति’ तथा विभागीय शब्दावली का विमोचन किया। इन प्रकाशनों को हिंदी को जन-सामान्य और प्रशासन के बीच सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि हिंदी एक सशक्त और समृद्ध भाषा है, लेकिन इसके विकास के लिए हमें हीन भावना से ऊपर उठकर सरकारी और निजी जीवन में इसका अधिक प्रयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक हिंदी व्यवहार में नहीं आएगी, तब तक उसका विस्तार सीमित रहेगा।

राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने जोर देते हुए कहा कि हिंदी को मजबूती घर से शुरू होकर समाज तक पहुंचनी चाहिए। यदि परिवार में हिंदी का सम्मान और प्रयोग बढ़ेगा, तो आने वाली पीढ़ी स्वतः उसकी महत्ता को समझेगी।

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने कार्यसूची पर गहन विचार-विमर्श किया और हिंदी के प्रयोग को और प्रभावी बनाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव दिए। विशेष रूप से गैर-सरकारी सदस्यों ने पिछली बैठक की तुलना में दोनों विभागों में हुई प्रगति की खुलकर प्रशंसा की। यह बैठक न केवल राजभाषा हिंदी के प्रति सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि हिंदी को प्रशासनिक कार्यों का सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में मंत्रालय सतत प्रयासरत है।